Shimla, Sanju-:न्यूजीलैंड के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत सेब पर आयात शुल्क में 50 प्रतिशत तक कटौती के फैसले को लेकर प्रदेश में सियासी और किसान संगठनों का विरोध तेज हो गया है।इस मुद्दे पर सोमवार को AICC प्रवक्ता एवं ठियोग से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष के साथ शिमला स्थित लोकभवन पहुंचे।
राज्यपाल के माध्यम से PM और राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए केंद्र सरकार के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि सेब आयात शुल्क में कटौती का फैसला प्रदेश के बागवानों के हितों के खिलाफ है और इससे स्थानीय सेब उत्पादकों को गंभीर नुकसान होगा।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह कदम हिमाचल सहित अन्य सेब उत्पादक राज्यों के किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार है।राठौर ने कहा कि प्रदेश की आर्थिकी में सेब का अहम योगदान है और ऐसे फैसलों से बागवानी क्षेत्र कमजोर होगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से इस मुद्दे को उठाती रहेगी।विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार आवाज बुलंद की जा रही है।राठौर ने कहा कि फिलहाल राज्यपाल के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो भविष्य में अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बागवानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए इस फैसले पर तत्काल रोक लगाई जाए और सभी हितधारकों से संवाद किया जाए।