फरीदाबाद | फरीदाबाद के सिविल अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक मां ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी 12 वर्षीय बेटी को जिंदा हालत में ही मृत घोषित कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार संजय कॉलोनी निवासी परिवार अपनी 12 साल की बेटी भूमिका को पेट दर्द की शिकायत पर इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने जांच के करीब आधे घंटे बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया और उसके शव को मोर्चरी के फ्रीजर में रखवा दिया गया।
जैसे ही यह सूचना बच्ची की मां रीना देवी को मिली, वह तुरंत अस्पताल पहुंचीं। आरोप है कि रीना देवी ने अपने देवर के साथ मोर्चरी में जाकर फ्रीजर से बच्ची का शव जबरन बाहर निकाला। इस दौरान डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन परिजन बच्ची को बाइक पर बैठाकर मौके से फरार हो गए।
मां रीना देवी का दावा है कि जब उन्होंने बच्ची को फ्रीजर से बाहर निकाला, तो उसके मुंह से झाग निकल रहा था और नाक से खून बह रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय बच्ची की सांसें चल रही थीं। इसके बाद परिजन बच्ची को पहले घर और फिर एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन करीब एक घंटे बाद वहां भी बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं, सिविल अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की मौत इलाज के दौरान ही हो गई थी और उसे मृत अवस्था में ही मोर्चरी भेजा गया था। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
पुलिस के अनुसार बच्ची के शव को दोबारा मोर्चरी में रखवाया गया है और पोस्टमार्टम के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।