कोलकाता | पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। तीन दिवसीय कोलकाता दौरे के दूसरे दिन आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन ने राज्य को भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ का केंद्र बना दिया है।
अमित शाह ने कहा कि अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव बंगाल के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब डर और अव्यवस्था से मुक्त होकर विकास, विरासत और गरीब कल्याण पर आधारित मजबूत सरकार चाहती है। गृह मंत्री ने बंगाल की जनता से भाजपा को पूर्ण बहुमत देने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल बंगाल, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित होगी।
उन्होंने 30 दिसंबर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में आजाद भारत का झंडा फहराया था। शाह ने कहा कि यह तारीख आज भी बंगाल के लिए नए संकल्प और परिवर्तन का प्रतीक बन सकती है।
टीएमसी के 15 साल के शासन पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि इस दौरान आम जनता भय और अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो राज्य की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जाएगा, विकास की रफ्तार तेज होगी और गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी जाएगी।
अमित शाह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य विवेकानंद, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाना है। उन्होंने भाजपा के बढ़ते जनसमर्थन का जिक्र करते हुए बताया कि जहां पहले पार्टी को बंगाल में सीमित सीटें मिलती थीं, वहीं आज भाजपा मजबूत विपक्ष और भविष्य की सशक्त विकल्प बन चुकी है।
कांग्रेस और वाम दलों पर टिप्पणी करते हुए शाह ने कहा कि कभी बंगाल की राजनीति में मजबूत रही कांग्रेस आज शून्य पर पहुंच गई है और दशकों तक शासन करने वाला वाम गठबंधन भी पूरी तरह हाशिये पर चला गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी और राज्य को नई दिशा देगी।