रूस | नए साल से ठीक 48 घंटे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर जानलेवा हमले की कोशिश किए जाने के दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। रूस ने इस कथित हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ होने का आरोप लगाया है, जबकि यूक्रेन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बातचीत की है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
इस दावे के सामने आने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर रूसी राष्ट्रपति पुतिन कहां रहते हैं और उनकी सुरक्षा व्यवस्था कितनी अभेद्य मानी जाती है।
क्रेमलिन पैलेस में रहता है रूस का राष्ट्रपति
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का आधिकारिक आवास मॉस्को स्थित ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस है। यह महल न केवल राष्ट्रपति का निवास है, बल्कि रूस की राजनीतिक, सैन्य और प्रशासनिक शक्ति का केंद्र भी माना जाता है। जिस तरह अमेरिका में व्हाइट हाउस सत्ता का प्रतीक है, उसी तरह रूस में क्रेमलिन देश की सत्ता का सबसे बड़ा प्रतीक है।
हर वक्त हाई अलर्ट पर रहता है इलाका
ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस और इसके आसपास का पूरा क्षेत्र नो-फ्लाइंग जोन घोषित है। बिना विशेष अनुमति किसी भी तरह की उड़ान की इजाजत नहीं होती। यहां हमेशा सैन्य छावनी जैसा माहौल रहता है। ऐसे में अगर ड्रोन हमले का दावा सामने आता है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली गंभीर साजिश की ओर इशारा करता है।
एक ऐतिहासिक किला है क्रेमलिन
क्रेमलिन मूल रूप से एक प्राचीन दुर्ग है, जिसे पुराने समय में रूसी शासकों ने सुरक्षा के लिहाज से बनवाया था।यह किला सामंती दौर की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण माना जाता है। ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस बोरोवित्स्की पहाड़ी पर स्थित है और पुतिन इसी परिसर में रहते हैं।
कड़ी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
क्रेमलिन की सुरक्षा को दुनिया की सबसे मजबूत सुरक्षा व्यवस्थाओं में गिना जाता है। पूरे परिसर की निगरानी के लिए 21 ऊंचे टावर बनाए गए हैं। बाहर से यह महल दो मंजिला नजर आता है, लेकिन संरचना तीन मंजिला है। करीब 25 हजार वर्ग मीटर में फैले इस परिसर की दीवारें लगभग 1.5 मील लंबी और 21 फीट मोटी हैं, जबकि महल की ऊंचाई करीब 47 मीटर है।
आपात स्थिति के लिए गुप्त सुरंगें
ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस के कई टावरों के नीचे गुप्त सुरंगें बनी हुई हैं। इनका इस्तेमाल आपात हालात में राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। माना जाता है कि इन सुरंगों के जरिए बेहद कम समय में राष्ट्रपति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।
क्यों बढ़ गई है दुनिया की चिंता
इतनी कड़ी सुरक्षा, नो-फ्लाइंग जोन और अत्याधुनिक निगरानी के बावजूद अगर पुतिन के आवास को निशाना बनाए जाने का दावा सही साबित होता है, तो यह सिर्फ रूस ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। यही कारण है कि इस कथित हमले ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पहले से बने तनाव को और गहरा कर दिया है।