पंजाब | पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के बारे में स्पष्ट बयान दिया है। लुधियाना में मीडिया से बातचीत के दौरान राजा वड़िंग ने कहा कि सिद्धू दंपती का चैप्टर अब कांग्रेस के लिए बंद हो चुका है और इसे बार-बार उठाने का कोई औचित्य नहीं है।
राजा वड़िंग ने कहा कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू यदि भाजपा नेताओं से मिलती हैं, तो किसी को मिलने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन जो विषय खत्म हो चुका है, उसे दोबारा नहीं उठाना चाहिए।
सिद्धू दंपती और कांग्रेस के संबंधों में दरार
राजा वड़िंग के बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है कि क्या कांग्रेस अब सिद्धू दंपती से दूरी बना रही है। हाल ही में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा भाजपा नेताओं से मुलाकात और उनकी प्रशंसा ने इन अटकलों को बढ़ाया। बताया जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी हाईकमान से मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं।
2021 से शुरू हुआ विवाद
सिद्धू दंपती और कांग्रेस के बीच तनातनी की शुरुआत 2021 में हुई थी, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया। इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया, जिससे नवजोत सिंह सिद्धू नाराज हो गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में सिद्धू ने प्रचार से दूरी बनाए रखी, और इसके बाद सक्रिय राजनीति से लगभग अलग हो गए।
500 करोड़ वाले विवादित बयान से बढ़ी खींचतान
हाल ही में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के “500 करोड़ में मुख्यमंत्री बनने” वाले बयान ने पार्टी को असहज कर दिया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर टिकट बेचने जैसे आरोप लगाए, जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया।
अन्य नेताओं पर भी प्रतिक्रिया
राजा वड़िंग ने सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनाने का फैसला पार्टी सामूहिक रूप से और सोच-समझकर करती है, और जो पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ बोलता है, वह विरोधी की भूमिका निभाता है।