अमृतसर | गुरु नगरी अमृतसर में बीते तीन दिनों से कड़ाके की ठंड और घनी धुंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार छाई धुंध के कारण तड़के सुबह कई इलाकों में दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। सुबह और देर रात हाईवे पर हालात ऐसे रहे कि एक मीटर आगे तक वाहन नजर नहीं आए, जिसके चलते कई स्थानों पर वाहनों की टक्कर की घटनाएं सामने आई हैं।
घनी धुंध और बढ़ती ठंड से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अमृतसर में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में अत्यधिक नमी के कारण ठिठुरन और ज्यादा बढ़ गई है। इसका सबसे अधिक असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हाड़ कंपाने वाली ठंड दिल और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए भी जोखिम भरी हो सकती है।
गांवों से शहर तक धुंध का असर
ग्रामीण इलाकों में पिछले कई दिनों से लगभग पूरे दिन धुंध छाई रहने के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अब इसका असर शहरों में भी साफ नजर आने लगा है। अमृतसर शहर में भी घनी धुंध और कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।
धुंध के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सुबह ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर करना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
पहाड़ी इलाकों जैसा महसूस हो रहा मौसम
मौजूदा हालात में अमृतसर का मौसम पहाड़ी क्षेत्रों जैसा महसूस किया जा रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक इस बदले हुए मौसम का आनंद तो ले रहे हैं, लेकिन उन्हें सड़कों पर घनी धुंध से जूझना भी पड़ रहा है।
धुंध का असर रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ रहा है। कई ट्रेनें देरी से पहुंच रही हैं, जबकि उड़ानों के संचालन में भी बाधाएं देखी जा रही हैं।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी ठंड और धुंध का प्रकोप जारी रहने की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने व अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।