Mandi, Dharamveer-:मंडी–पठानकोट नेशनल हाईवे पर चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य ने द्रंग विधानसभा क्षेत्र के टांडू पंचायत अंतर्गत मेहड गांव के एक पूर्व सैनिक के जीवन को संकट में डाल दिया है। निर्माण कार्य के दौरान की गई भारी कटिंग के कारण भूतपूर्व सैनिक तिलक राज का दो मंजिला मकान पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि मकान के कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है, वहीं अपने ही घर तक पहुंचने का रास्ता भी पूरी तरह खत्म हो गया है।
प्रभावित पूर्व सैनिक तिलक राज ने बताया कि जब मंडी–पठानकोट नेशनल हाईवे के फोरलेन निर्माण का कार्य एनएचएआई द्वारा एक निजी कंपनी को सौंपा गया, तो कंपनी के कर्मचारियों ने बिना उचित सुरक्षा उपायों के पहाड़ी की अत्यधिक कटिंग कर दी। इसके चलते उनके मकान के नीचे की जमीन धंस गई और आसपास का पूरा क्षेत्र असुरक्षित हो गया। मकान तक जाने वाली सीढ़ियां और आंगन का डंगा अब हवा में लटक गया है, जिससे घर में प्रवेश करना लगभग नामुमकिन हो गया है।तिलक राज का कहना है कि मौजूदा हालात में उन्हें अपने ही घर तक पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर पैदल रास्ता तय करना पड़ रहा है। उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर एनएचएआई, जिला उपायुक्त और एसडीएम कार्यालय में कई बार पत्राचार किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो उनके मकान को अधिग्रहित किया जा रहा है और न ही सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
पूर्व सैनिक ने दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा की है और उनका बेटा भी वर्तमान में सेना में तैनात है। इसके बावजूद उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जो बेहद पीड़ादायक है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और एनएचएआई ने संज्ञान नहीं लिया, तो आगामी बरसात में या उससे पहले उनका मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे जान-माल का बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।
तिलक राज ने मीडिया के माध्यम से प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और एनएचएआई से गुहार लगाई है कि या तो उनके पूरे मकान को फोरलेन परियोजना में अधिग्रहित किया जाए या फिर उनके घर के चारों ओर मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए, ताकि मकान को गिरने से बचाया जा सके। फिलहाल पीड़ित परिवार समाधान की आस में हर चौखट पर हाजिरी लगा रहा है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।