चंडीगढ़ | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निहंग सिंह संप्रदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्हें गुरु परंपरा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर संत कबीर कुटीर में निहंग सिख समुदाय का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री ने 25 नवंबर को आयोजित होने वाले 350वें शहीदी समागम के लिए निहंग सिखों द्वारा दिए गए सहयोग और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों के बलिदान और आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान उनकी सरकार द्वारा किया गया है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबानों की धरती पंजाब की वर्तमान स्थिति देखकर मन व्यथित होता है। कभी समृद्ध रहा पंजाब आज कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे ने समाज की जड़ों को कमजोर कर दिया है, उद्योग ठप हो रहे हैं और युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे। उन्होंने निहंग सिंह संप्रदाय से आह्वान किया कि वे नई पीढ़ी को गुरु साहिबानों के आदर्शों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा, “जहां निहंग सिंह खड़े हुए, वहां अधर्म नहीं ठहर सका।” मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए निहंग सिंहों की निर्भीक, अनुशासित और प्रेरणादायी भूमिका आज भी उतनी ही आवश्यक है।