चंडीगढ़ | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नशा मुक्त हरियाणा संकल्प को धरातल पर उतारते हुए हरियाणा पुलिस और हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) ने वर्ष 2025 में नशा तस्करी के खिलाफ अब तक का सबसे व्यापक, सख्त और बहुआयामी अभियान चलाया है। इस अभियान का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी नहीं, बल्कि नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों, आर्थिक नेटवर्क, संगठित गिरोहों और पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करना रहा।
सरकार की नीति के अनुरूप नशे की मांग और आपूर्ति—दोनों पर एक साथ प्रहार किया गया। इसके तहत प्रवर्तन, वित्तीय जांच, न्यायिक कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और जनभागीदारी को समान रूप से सशक्त किया गया।
हरियाणा पुलिस के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने नशा मुक्त हरियाणा अभियान की सफलता पर हरियाणा पुलिस, HSNCB, जिला पुलिस, फील्ड अधिकारियों, खुफिया इकाइयों और अभियोजन से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता टीम के समर्पण, पेशेवर दक्षता और मजबूत समन्वय का परिणाम है। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी नशा तस्करी के विरुद्ध यह अभियान जीरो टॉलरेंस नीति के तहत और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।
वर्ष 2025 के दौरान प्रदेशभर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 3,738 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 6,801 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 457 मामले कमर्शियल मात्रा, 2,620 इंटरमीडिएट और 661 स्मॉल मात्रा से संबंधित रहे, जिससे स्पष्ट है कि कार्रवाई बड़े और संगठित तस्करी नेटवर्क तक पहुंची।
विशेष अभियानों और पुख्ता खुफिया सूचनाओं के आधार पर वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर नशीले पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस ने लगभग 55 किलोग्राम हेरोइन, 220 किलोग्राम से अधिक चरस, 240 ग्राम कोकीन, 6,257 किलोग्राम गांजा, 291 किलोग्राम अफीम और 18,039 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद किया। इसके साथ ही फार्मास्यूटिकल ड्रग्स के अवैध कारोबार पर कार्रवाई करते हुए 5.30 लाख से अधिक टैबलेट, 4,493 बोतलें, 1.16 लाख कैप्सूल और 7,644 इंजेक्शन जब्त किए गए।
नशा तस्करों को कड़ा संदेश देते हुए प्रशासन ने अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई की। वर्ष 2022 से 2025 के बीच 107 कुख्यात तस्करों की 119 अवैध संपत्तियां ध्वस्त की गईं, जबकि वर्ष 2025 में 143 आरोपियों की 13.59 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई।
हरियाणा राज्य नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भी वर्ष 2025 में 249 मामले दर्ज कर 472 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। इन अभियानों के दौरान कई अंतरराज्यीय और संगठित तस्करी गिरोहों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया गया।
बेहतर जांच और मजबूत अभियोजन के चलते न्यायालयों में सजा की दर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2025 में कमर्शियल मामलों में सजा की दर 55.90 प्रतिशत, इंटरमीडिएट मामलों में 61.83 प्रतिशत और स्मॉल मात्रा के मामलों में 31.01 प्रतिशत दर्ज की गई।
नशा उन्मूलन को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। HSNCB द्वारा 1,040 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 1,88,581 नागरिकों को सीधे जोड़ा गया। वहीं हेल्पलाइन सेवाओं पर जनता का भरोसा भी बढ़ा है। वर्ष 2025 में मानस हेल्पलाइन 1933 पर 535 और HSNCB हेल्पलाइन पर 883 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर समयबद्ध और गोपनीय कार्रवाई की गई।