नई दिल्ली। अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया अब पहले जैसी आसान नहीं रही। खासतौर पर शादी के आधार पर ग्रीन कार्ड हासिल करने वाले आवेदकों पर अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों की निगरानी काफी सख्त हो गई है। अब केवल अमेरिकी नागरिक से विवाह करना ही पर्याप्त नहीं माना जा रहा, बल्कि यह साबित करना भी जरूरी है कि शादी वास्तविक है और दंपती साथ रहकर वैवाहिक जीवन जी रहे हैं।
फर्जी शादियों पर कसा शिकंजा
इमिग्रेशन विशेषज्ञ ब्रैड बर्नस्टीन के अनुसार, अमेरिकी नागरिक और इमिग्रेशन सेवाएं (USCIS) अब शादी के आधार पर किए जाने वाले हर ग्रीन कार्ड आवेदन की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारी यह परख रहे हैं कि पति-पत्नी एक ही घर में रह रहे हैं या नहीं। यदि दोनों अलग-अलग रहते पाए जाते हैं, तो आवेदन को संदेह के दायरे में रखा जा सकता है और ग्रीन कार्ड मिलने की संभावना कम हो जाती है।
बर्नस्टीन ने कहा, “सिर्फ शादी या रिश्ता होना ग्रीन कार्ड दिलाने के लिए काफी नहीं है। साथ रहना और वैवाहिक जीवन का प्रमाण देना अनिवार्य है। अलग-अलग रहने की स्थिति अधिकारियों को जांच का आधार देती है और आवेदन खारिज भी हो सकता है।”
साथ रहना बना अहम शर्त
USCIS के मौजूदा नियमों के तहत केवल कानूनी रूप से वैध विवाह होना पर्याप्त नहीं है। आवेदन तभी स्वीकार किया जाएगा जब यह साबित किया जा सके कि विवाह सच्चे इरादों से किया गया है और उसका उद्देश्य केवल इमिग्रेशन लाभ हासिल करना नहीं है।
यदि पति-पत्नी काम, पढ़ाई, आर्थिक कारणों या किसी अन्य सुविधा के चलते अलग रहते हैं, तो भी इमिग्रेशन अधिकारी इन कारणों को प्राथमिक नहीं मानते। उनका मुख्य फोकस इस बात पर रहता है कि दंपती वास्तव में एक साथ रहकर वैवाहिक संबंध निभा रहे हैं या नहीं।
ग्रीन कार्ड लॉटरी पर भी रोक
इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने ग्रीन कार्ड लॉटरी कार्यक्रम को भी हाल ही में स्थगित कर दिया है। प्रशासन का तर्क है कि इस योजना के तहत अमेरिका में आए कुछ लोगों द्वारा गंभीर अपराध किए जाने के मामले सामने आए हैं। यह लॉटरी कार्यक्रम उन देशों के नागरिकों को स्थायी निवास का मौका देता था, जहां से अमेरिका में आव्रजन की दर कम होती है।
आव्रजन नीति में सख्ती के संकेत
इन फैसलों से साफ संकेत मिलते हैं कि अमेरिका अपनी आव्रजन नीति को और अधिक सख्त बना रहा है। खासकर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को अब अपने रिश्ते, निवास और मंशा से जुड़े ठोस सबूत पेश करने होंगे।