Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आज सुबह सचिवालय के बाहर दृष्टिबाधित बेरोजगारों ने चक्का जाम कर प्रदर्शन किया, जिससे सर्कुलर रोड पर चार किलोमीटर से अधिक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण शहर में आवागमन ठप हो गया और कई लोग पैदल चलकर अपने दफ्तर और कामकाज पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि ये दृष्टिबाधित बेरोजगार पिछले करीब दो वर्षों से शिमला में धरने पर बैठे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार नौकरी की मांग को लेकर चक्का जाम किया है। प्रशासन और पुलिस के साथ उनके टकराव के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। 3 दिसंबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर भी उन्होंने एसडीएम शिमला और पुलिस अधिकारियों के साथ टकराव किया था।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विभिन्न सरकारी विभागों में दृष्टिबाधित कोटे के खाली पड़े पदों को भरना, पेंशन राशि बढ़ाना और मूलभूत सुविधाओं में सुधार करना शामिल है। उनका आरोप है कि ये पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इन पर भर्ती नहीं कर रही।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। वे आरोप लगाते हैं कि जब भी वे चक्का जाम करते हैं, प्रशासन बातचीत के लिए बुलाता है, लेकिन उनकी मांगों पर अमल नहीं होता।प्रदर्शन में शामिल दृष्टिबाधित बेरोजगारों ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समान अवसर और जीवनयापन के लिए आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में ऐसे प्रदर्शन और भी बढ़ सकते हैं।