चंडीगढ़ | जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) 2024 के परिणाम में 1284 अभ्यर्थियों को बाद में पास किए जाने को संदिग्ध और शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला करार दिया है।
दिग्विजय चौटाला ने प्रेस वार्ता में कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता पूरी तरह से खो गई और सरकार ने बायोमेट्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा परिणाम को बोर्ड सचिव द्वारा तैयार कर बोर्ड के चेयरमैन के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया, लेकिन बोर्ड अध्यक्ष ने इसे वापस भेज दिया और सचिव को तुरंत प्रभाव से बदल दिया गया।
सीबीआई जांच की मांग
उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल किए गए 1284 अभ्यर्थियों को संदेह का लाभ दिया गया, जबकि अन्य योग्य अभ्यर्थियों को इससे वंचित रखा गया। दिग्विजय ने कहा कि कुछ कोचिंग संस्थाओं से मिलीभगत के तहत यह घोटाला किया गया और राज्य सरकार को इसकी जांच सीबीआई से करानी चाहिए। यदि सरकार जांच में देरी करती है, तो जेजेपी इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में ले जाएगी।
हरियाणा पुलिस भर्ती के लिए आयु सीमा बढ़ाने की मांग
दिग्विजय चौटाला ने इसके अलावा हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में युवाओं को आयु सीमा में कम से कम तीन साल की छूट देने की मांग की। उनका कहना था कि सीईटी परीक्षा में देरी के कारण कई योग्य युवा आयु सीमा से बाहर हो गए हैं, इसलिए सरकार को उन्हें भर्ती में शामिल करने का अवसर देना चाहिए।
सरकार और बोर्ड पर गंभीर सवाल
जेजेपी नेता ने भाजपा नेतृत्व को सबसे कमजोर शासन बताते हुए पूछा कि परिणाम घोषित करने में 110 दिन क्यों लग गए और ओएमआर शीट निकालने के लिए केवल 10 दिन का समय क्यों दिया गया। उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष के पिछले कार्यकाल और उनके राजस्थान में दर्ज भ्रष्टाचार और आपराधिक आरोपों का हवाला देते हुए पूछा कि उन्हें हरियाणा में यह जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि इस पूरे प्रकरण ने हरियाणा के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है और इसे बिना जांच के छोड़ना युवाओं के साथ अन्याय होगा।