Mandi, Dharamveer-:मंडी जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता मुरारी देवी मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क 45 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब सुधरने जा रही है। सुंदरनगर, बल्ह और सरकाघाट उपमंडलों की सीमाओं पर स्थित यह मार्ग पहले वन विभाग के अधीन था। नियमों के तहत, वन क्षेत्र में आने वाली इस सड़क में कोई भी निर्माण या मरम्मत नहीं की जा सकती थी।
मंदिर तक जाने वाले मार्ग की स्थिति पहले चढ़ीघाट तक ठीक थी, लेकिन उसके आगे करीब 7 किलोमीटर लंबी सड़क काफी खस्ताहाल थी। श्रद्धालुओं को इस मार्ग से गुजरने में कीचड़ और गड्ढों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत की मांग उठ रही थी, लेकिन वन विभाग से एफसीए (वन से संबंधित औपचारिक अनुमति) मिलने में लंबा समय लग गया।
सुकेत वन मंडल के उप अरण्यपाल राकेश कटोच ने बताया कि एफसीए की प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सुंदरनगर में कार्यभार संभाला था, तब इस मामले को प्राथमिकता दी थी।लंबी प्रक्रिया के बाद अब भारत सरकार से एफसीए की मंजूरी मिल गई है।एफसीए मंजूरी मिलने के बाद अब चढ़ीघाट से मुरारी देवी मंदिर तक की सड़क का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है। उप अरण्यपाल राकेश कटोच ने बताया कि अब सड़क की देखभाल और मरम्मत पूरी तरह लोक निर्माण विभाग द्वारा की जाएगी। विभाग ने इसके लिए 7 करोड़ रुपये का बजट भी तय किया है।
लाखों श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने की होगी सुविधा
इस कदम से लाखों श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में सुविधाएं मिलेंगी और उनकी परेशानियों का समाधान होगा। साथ ही, इस सड़क की मरम्मत से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।उप अरण्यपाल ने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से लंबित थी और विभिन्न शर्तों के पूरा होने के बाद ही मंजूरी मिली है। अब श्रद्धालु सुरक्षित और सुव्यवस्थित मार्ग से माता मुरारी देवी मंदिर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।