Dharamshala, Rahul-:पर्यटकों और ट्रैकर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कांगड़ा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी ट्रैकिंग मार्गों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष हेमराज बैरवा द्वारा जारी किए गए हैं। आदेशों के तहत जिले में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली ट्रैकिंग गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लागू कर दी गई है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय मौसम की अनिश्चितता, संभावित प्राकृतिक आपदाओं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। विशेष रूप से करेरी, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा जैसे लोकप्रिय ट्रैकिंग मार्गों पर जाने के लिए अब पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रैकर्स को इन मार्गों पर जाने से पहले पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा के कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।जारी आदेशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), शिमला द्वारा किसी भी प्रकार की चेतावनी या मौसम अलर्ट जारी किया जाता है, तो इन ट्रैकिंग मार्गों के लिए दी गई सभी पूर्व अनुमतियां स्वतः निरस्त मानी जाएंगी। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को ट्रैकिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।हालांकि, इन प्रतिबंधों से आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को छूट प्रदान की गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पर्वतारोहण केंद्र मैक्लोडगंज तथा पुलिस के खोज एवं बचाव दलों को आवश्यक परिस्थितियों में इन क्षेत्रों में कार्य करने की अनुमति रहेगी।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि जिला प्रशासन समय-समय पर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे आदेश जारी करता है। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि कांगड़ा जिले में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सभी हितधारकों, जैसे होटल, गेस्ट हाउस, ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों को इन प्रतिबंधों की जानकारी अनिवार्य रूप से दी जाए। इसके साथ ही पर्यटकों को ट्रैकिंग से संबंधित पाबंदियों और उल्लंघन की स्थिति में लागू होने वाले दंडात्मक प्रावधानों से भी अवगत कराया जाए।उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और पर्यटकों की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके।