चंडीगढ़ | हरियाणा कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल पर चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी वजह से हरियाणा के युवा नौकरी के लिए अवैध रास्तों (डंकी रूट) से विदेश जाने को मजबूर हैं।
दीपेंद्र ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार लगातार हरियाणा के अधिकारों और हितों को नजरअंदाज कर रही है। प्रदेश सरकार अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए जनता की अनदेखी कर रही है। कांग्रेस हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाएगी।
सांसद हुड्डा ने पांच उदाहरण साझा किए। उन्होंने कहा कि एसवाईएल सिंचाई परियोजना में केंद्र में भाजपा नेताओं की कोई पैरवी नहीं हुई। चंडीगढ़ में हरियाणा की विधानसभा के निर्माण का मामला लटका हुआ है। रेलवे कोच, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स प्रदेश से बाहर चले गए। हिसार का इकलौता दूरदर्शन केंद्र बंद हो गया। वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा को मुख्य भागीदार नहीं बनाया गया और गुजरात को प्राथमिकता दी गई।
हुड्डा ने हरियाणा में नौकरियों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्रुप ए और बी की नौकरियों में अन्य राज्यों के युवाओं का वर्चस्व है और एचपीएससी में प्रदेश के योग्य उम्मीदवारों की कमी है। वहीं, हरियाणा से सबसे अधिक जीएसटी और टैक्स संग्रह होता है, लेकिन बजट आवंटन न्यूनतम है।
खेलों के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि हरियाणा को मेरिट के आधार पर प्रमुख स्थान और सम्मान मिलना चाहिए। स्टेडियमों की खराब स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है। भविष्य में 2036 ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में हरियाणा को वरीयता दी जानी चाहिए।