लुधियाना । पुलिस प्रशासन द्वारा चाइना डोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावों के बीच अब इसका अवैध कारोबार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट होता नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहां कार्रवाई सीमित स्तर पर छोटे दुकानदारों तक सिमटी हुई है, वहीं इस खतरनाक धंधे के बड़े खिलाड़ी सोशल मीडिया के जरिए अपना नेटवर्क तेजी से फैला रहे हैं।
यह जानलेवा डोर न सिर्फ राहगीरों और पक्षियों के लिए खतरा बनी हुई है, बल्कि अब तकनीक के सहारे सीधे घरों तक पहुंचकर बच्चों और युवाओं की जान से खिलवाड़ कर रही है। जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते इन ऑनलाइन नेटवर्क्स पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, चाइना डोर बेचने वाले अब पकड़े जाने के डर से नए डिजिटल हथकंडे अपना रहे हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर डोर के गट्टों की फोटो और वीडियो अपलोड की जा रही हैं। इन पोस्ट्स के साथ संपर्क के लिए मोबाइल नंबर दिए जाते हैं, जिन पर सिर्फ व्हाट्सएप कॉल के जरिए ही बातचीत की जाती है, ताकि पहचान छिपी रहे।
गुप्त ठिकानों से हो रही डिलीवरी
ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद ग्राहक को दुकान पर बुलाने के बजाय किसी सुनसान जगह या तय किए गए गुप्त लोकेशन पर डिलीवरी दी जाती है। भुगतान के लिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या कैश-ऑन-डिलीवरी का विकल्प दिया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र को भनक तक नहीं लग पाती।
शहर में बढ़ते इस डिजिटल नेटवर्क ने साइबर क्राइम सेल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब अवैध कारोबारी खुलेआम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो तकनीक से लैस साइबर टीमें इन अकाउंट्स को ट्रेस करने में अब तक सफल क्यों नहीं हो पाईं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
किंगपिन पर कार्रवाई बनी चुनौती
सूत्र बताते हैं कि न्यू माधोपुरी इलाके का रहने वाला एक व्यक्ति इस अवैध कारोबार का बड़ा सप्लायर माना जाता है। बताया जा रहा है कि उसका अधिकांश माल बिक चुका है, जबकि कुछ स्टॉक अलग-अलग ट्रांसपोर्ट गोदामों में रखा गया है। पुलिस यदि सख्ती से पूछताछ करे तो भारी मात्रा में चाइना डोर बरामद हो सकती है, लेकिन कथित राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्रवाई में बाधाएं आ रही हैं।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि गुप्त सूचनातंत्र को सक्रिय कर दिया गया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि डोर कहां से लाई जा रही है और किन इलाकों में सप्लाई हो रही है। आने वाले दिनों में इस अवैध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।