Shimla, 7 January-:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए एक समान और सुव्यवस्थित सीनियर रेजिडेंटशिप पॉलिसी तैयार की जाएगी, जिसके अंतर्गत सीनियर रेजिडेंट के पदों का युक्तिकरण किया जाएगा, ताकि मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई नीति के तहत सीनियर रेजिडेंटशिप में जनरल ड्यूटी ऑफिसर (जीडीओ) के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 66 प्रतिशत किया जाएगा। वर्तमान में यह अनुपात जीडीओ और सीधी भर्ती के बीच 50-50 प्रतिशत है। इस बदलाव से प्रदेश में कार्यरत डॉक्टरों को करियर में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे और चिकित्सा महाविद्यालयों में अनुभवी चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि चम्बा, नाहन, हमीरपुर और नेरचौक स्थित चिकित्सा महाविद्यालयों में नए विषयों में एमडी और एमएस पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे न केवल चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि इन क्षेत्रों में उन्नत उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि डीएम और एमसीएच जैसी सुपरस्पेशियलिटी में प्रशिक्षित विशेषज्ञों को चिकित्सा महाविद्यालयों में नियुक्त किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र नियुक्त करने की घोषणा
स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आईसीयू स्थापित किए जाएंगे।इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग में 1000 रोगी मित्र नियुक्त करने की घोषणा की, जिनमें से 500 चिकित्सा महाविद्यालयों और 500 अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात होंगे। मरीजों की सुविधा के लिए रोगी मित्र काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि ओपीडी में मरीजों से संबंधित आंकड़ों के सुव्यवस्थित प्रबंधन हेतु डाटा एंट्री ऑपरेटर भी तैनात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए नवाचार और दीर्घकालिक योजनाओं पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंगटी, विशेष सचिव अश्वनी शर्मा व जितेंद्र सांजटा सहित स्वास्थ्य शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।