चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पर्यटन विकास को नई गति देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। स्वदेश दर्शन योजना के तहत टिक्कर ताल, मोरनी और पिंजौर स्थित यादवेंद्र गार्डन के विकास के लिए करीब 92 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश के पांच प्रमुख पर्यटन परिसरों को सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) मॉडल पर विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
इसके अलावा महेंद्रगढ़ जिले में ढोसी की पहाड़ी पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा की गई। इन सभी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए हरियाणा सिविल सचिवालय में विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले मेले के लिए सिविल कार्यों का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जिसे 20 जनवरी तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि अरावली की तलहटी में आयोजित होने वाला सूरजकुंड मेला इस वर्ष ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की थीम पर आधारित होगा। मेले में देश-विदेश के शिल्पकारों की कलाकृतियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेंगी। सांस्कृतिक संध्याओं में विशेष रूप से हरियाणवी कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले तक आने-जाने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए परिवहन विभाग के सहयोग से विभिन्न जिलों और अंतरराज्यीय बस अड्डों से विशेष बस सेवाएं शुरू की जाएं। साथ ही मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।