नई दिल्ली |अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत में सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। 24 कैरेट सोने के भाव में तेज उछाल दर्ज किया गया है। हाल के महीनों में प्रति 100 ग्राम सोने की कीमत करीब 36,000 रुपये बढ़ चुकी है, जिससे दाम अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 1,40,000 रुपये के बेहद करीब पहुंच गए हैं। इस तेजी ने शादी-विवाह के सीजन में खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा दिया है।
साल 2025 में रिकॉर्ड रफ्तार पकड़ने के बाद 2026 की शुरुआत में भी सोने की चमक फीकी नहीं पड़ी है। 7 जनवरी 2026 को वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,440 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। हालांकि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतें अपने शिखर 4,549 डॉलर से कुछ नीचे आईं, लेकिन बाजार का रुझान अब भी तेजी की ओर बना हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगला अहम स्तर 4,450 डॉलर प्रति औंस माना जा रहा है। यदि यह स्तर पार होता है, तो सोने की कीमतों में एक और बड़ी छलांग देखने को मिल सकती है।
दिग्गज संस्थानों की भविष्यवाणी
मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2026 की अंतिम तिमाही तक सोना 4,800 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वहीं बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और वैश्विक आपूर्ति में कमी के चलते पूरे साल औसत कीमत 4,538 डॉलर प्रति औंस के आसपास रह सकती है। ज्यादातर बाजार रणनीतिकार 2026 में सोने को 4,500 से 5,000 डॉलर प्रति औंस के दायरे में देख रहे हैं।
तेजी के पीछे क्या कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-वेनेजुएला के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की खरीदारी ने कीमतों को मजबूती दी है। सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
निवेशकों के लिए संकेत
बाजार जानकारों का मानना है कि अल्पकाल में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन लंबी अवधि में सोना मजबूत रिटर्न दे सकता है। ऐसे में गिरावट के दौरान चरणबद्ध निवेश करना समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।