Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायती राज चुनावों को लेकर उच्च न्यायालय के हालिया फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राज्य सरकार इस निर्णय का गहन अध्ययन करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा पहले से ही अप्रैल–मई के दौरान पंचायत चुनाव कराने की थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में कुछ संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर विचार करना आवश्यक हो गया है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य में लागू डिजास्टर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सावधानी बरती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि डिजास्टर की स्थिति में भी चुनाव कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, तो फिर संसद द्वारा पारित डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की उपयोगिता और उसकी व्याख्या क्या रह जाती है। सरकार इस पहलू पर कानूनी राय लेगी और आवश्यकता पड़ी तो अदालत के समक्ष यह प्रश्न भी उठाया जाएगा कि डिजास्टर की स्थिति का वास्तविक अर्थ और प्रभाव क्या है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन उससे पहले जनता की सुरक्षा, संसाधनों की उपलब्धता और प्रशासनिक तैयारियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार का उद्देश्य किसी भी प्रकार से लोकतंत्र को कमजोर करना नहीं है, बल्कि संवैधानिक दायरे में रहते हुए सही निर्णय लेना है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न्यायालय के आदेशों का सम्मान करती है और सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने दोहराया कि सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और कानून के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।