जालंधर । दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के बयान को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस प्रकरण में दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, साइबर क्राइम की स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा और जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को अब 72 घंटे के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। पहले इन अधिकारियों से 24 घंटे में जवाब मांगा गया था, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाने के लिए तीन दिन का समय देने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
यह मामला उस समय सामने आया, जब दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पर सिख गुरुओं के अपमान से जुड़ी टिप्पणी करने के आरोप लगे। इसके बाद मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के आधार पर पंजाब पुलिस ने जालंधर में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस कार्रवाई ने राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर बहस को जन्म दे दिया।
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जिस वीडियो के आधार पर केस दर्ज किया गया है, वह दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा है और आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल है। ऐसे में किसी दूसरे राज्य की पुलिस द्वारा उस पर जांच कर मामला दर्ज करना संवैधानिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े करता है।
स्पीकर ने इस पूरे घटनाक्रम पर पंजाब पुलिस से विस्तृत और स्पष्ट जवाब मांगा है। वहीं, इस मामले ने केंद्र और राज्यों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर भी नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजरें पंजाब पुलिस के जवाब पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि यह एफआईआर किस कानूनी आधार पर दर्ज की गई और आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।