बागेश्वर (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के पहाड़ी जिले बागेश्वर में मंगलवार सुबह भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए। सुबह करीब साढ़े सात बजे जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों में जुटे थे, तभी अचानक धरती हिलने लगी। झटके महसूस होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार बागेश्वर में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। तीव्रता कम होने के बावजूद पहाड़ी इलाकों में कंपन साफ महसूस किया गया, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।
बीते 24 घंटों के दौरान केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के देशों में भी भूकंप की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। पाकिस्तान में सोमवार शाम 4.0 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि अफगानिस्तान में 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में भूकंपीय गतिविधियों का बढ़ना चिंता का विषय है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप का मुख्य कारण पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के ऊपर खिसकती हैं, तो संचित ऊर्जा बाहर निकलती है और धरती कांप उठती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।