अंबाला। अंबाला शहर के बलदेव नगर थाने के पास खड़ी कार में हुए धमाके के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गैस सिलेंडरों के साथ-साथ विस्फोटक सामग्री भी कार के भीतर लगाई गई थी। इसी विस्फोटक के कारण धमाके जैसी स्थिति बनी, हालांकि आग सिलेंडरों तक नहीं पहुंच सकी, जिससे एक बड़ी घटना टल गई।
जांच में सामने आया है कि तीन-तीन किलो के तीन गैस सिलेंडर अंबाला से ही करीब छह हजार रुपये में खरीदे गए थे और यहीं से उनमें गैस भरवाई गई थी। इस मामले में पटियाला (पंजाब) निवासी कर्मजीत को गिरफ्तार किया गया है, जिसने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि वह फिरोजपुर के दो संदिग्धों के संपर्क में था, जो उसके साथ एक होटल में ठहरे थे और दूसरी कार से अंबाला पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक, धमाके में इस्तेमाल की गई विस्फोटक सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि विस्फोट के लिए रिमोट या किसी अन्य तकनीक का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। साथ ही फिरोजपुर कनेक्शन को खंगालते हुए सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और मोबाइल डिटेल्स की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी कर्मजीत ने महज 30 हजार रुपये के लालच में कार को थाने के पास खड़ा किया था, हालांकि उसे यह रकम नहीं मिली। वहीं, फिरोजपुर के दो वांटेड आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की साजिश और इसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण विस्फोटक सामग्री की सप्लाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय लिंक, यहां तक कि ड्रोन के जरिए भेजे जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों को भी सिरे से खारिज किया है। अधिकारियों के अनुसार, न तो किसी आतंकी संगठन का नाम एफआईआर में दर्ज है और न ही किसी पुलिसकर्मी को नुकसान पहुंचा है। कार से धुआं निकलने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से सील कर लिया था।
एसपी अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और प्रयोगशाला रिपोर्ट व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।