नई दिल्ली | 2026 की शुरुआत से ही चांदी ने शानदार रैली दिखाई है। बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में चांदी का भाव 15,000 रुपए बढ़कर 2,86,000 रुपए प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले चार सत्रों में चांदी की कीमत में कुल 17.45 प्रतिशत यानी 42,500 रुपए की तेज बढ़त दर्ज की गई है। आठ जनवरी को चांदी का भाव 2,43,500 रुपए था।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी ने लगातार चौथे दिन मजबूती दिखाई और सोने की तुलना में निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी में लगभग 20 प्रतिशत यानी 47,000 रुपए प्रति किलो की तेजी देखी गई।
सोने की कीमत भी वैश्विक रुझानों के अनुरूप बढ़ी और बुधवार को 1,46,500 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई, जबकि मंगलवार को यह 1,45,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। पिछले चार सत्रों में सोने का भाव 4.3 प्रतिशत यानी 6,000 रुपए बढ़ चुका है। साल की शुरुआत से अब तक सोने में कुल 6.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
वैश्विक बाजार में हालात: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर चांदी ने पहली बार 91 डॉलर प्रति औंस की सीमा पार की और 91.56 डॉलर प्रति औंस पर नया रिकॉर्ड बनाया। सोने का हाजिर भाव भी 1.14 प्रतिशत बढ़कर 4,640.13 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक अस्थिरता, कमजोर डॉलर सूचकांक और अमेरिका में नरम मुद्रास्फीति आंकड़ों ने निवेशकों को सुरक्षित धातुओं की ओर आकर्षित किया है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों ने भी सोना और चांदी को निवेशकों के लिए लाभकारी विकल्प बनाया है।
चांदी और सोने की इस तेजी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए कीमती धातुओं को आकर्षक निवेश विकल्प बना दिया है।