Shimla, Kartik-:समग्र शिक्षा के तहत समावेशी शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक और सराहनीय पहल की है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के एक दल को शुक्रवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने एक्सपोज़र विज़िट टूर के लिए रवाना किया। इस दौरान बच्चों को चंडीगढ़, अमृतसर और वाघा बॉर्डर जैसे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर से इस दल को रवाना किया। एक्सपोज़र टूर पर जाने से पहले बच्चों ने विधानसभा भवन का भी भ्रमण किया, जहां उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था और विधानसभा की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने बच्चों से संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया।
इस दल में कुल 156 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 96 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, स्पेशल एजुकेटर्स, समावेशी शिक्षा से जुड़े अधिकारी और अन्य सहयोगी शामिल हैं। बच्चों की देखरेख और मार्गदर्शन के लिए प्रशिक्षित स्पेशल एजुकेटर्स को भी साथ भेजा गया है, ताकि यात्रा के दौरान उनकी आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जा सके।
इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि एक्सपोज़र विज़िट का उद्देश्य बच्चों को नए वातावरण, संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों से परिचित कराना है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और सीखने की क्षमता विकसित हो। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समग्र शिक्षा अभियान के तहत इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।रोहित ठाकुर ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम को केंद्र सरकार से भी सहयोग मिलता है और राज्य सरकार का निरंतर प्रयास रहता है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा और अन्य गतिविधियों में समान अवसर प्रदान किए जाएं। यह पहल समावेशी और संवेदनशील शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।