कुरुक्षेत्र। हरियाणा और उत्तराखंड के कांग्रेस जिलाध्यक्षों ने वीरवार को ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर वहां के वास्तविक हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मनरेगा, आंगनबाड़ी और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सीधे ग्रामीणों और कर्मचारियों से बातचीत की।
जिलाध्यक्षों की यह टीम जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के तीन-तीन गांवों में गई। उन्होंने गांवों में सरपंचों, पूर्व सरपंचों, युवाओं, पुराने और वर्तमान पार्टी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, और स्थानीय मजदूरों से चर्चा कर जमीन पर स्थित समस्याओं और जरूरतों का आंकलन किया। इसके अलावा, उन्होंने गांव के इतिहास, जनगणना आंकड़े और सामाजिक संरचना की जानकारी भी जुटाई।
सुबह लगभग 11 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक जिलाध्यक्ष गांवों की गलियों और चौपालों में घूमते रहे। मनरेगा मजदूरों से लेकर खेलों में सक्रिय लोगों तक सभी वर्ग के लोगों से संवाद किया गया। जिलाध्यक्षों ने इस दौरे के दौरान एक डायरी में नोट्स और रिपोर्ट तैयार की, जिसे बाद में पंजाबी धर्मशाला में आयोजित कार्यशाला में साझा और मंथन किया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर पार्टी भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक कदम तय करेगी।
उत्तराखंड और हरियाणा के जिलाध्यक्ष थानेसर विधानसभा क्षेत्र के गांव भिवानी खेड़ा, किरमिच, पलवल, सीएम सिटी लाडवा क्षेत्र के उमरी, खानपुर कोलियां, कनिपला, शाहाबाद क्षेत्र के धुराला, चढूनी, खरींडवा, और पिहोवा क्षेत्र के खिजरपुरा, लोहार माजरा, गढ़ी रोडान जैसे गांवों का दौरा कर ग्रामीण जीवन का विस्तृत अध्ययन किया।
विशेष रूप से शुक्रवार को यह टीम मनरेगा मजदूरों के साथ विस्तृत चर्चा करेगी। कार्यशाला में मजदूरों को योजना की वर्तमान और पूर्व व्यवस्था, समस्याओं और सुझावों पर संवाद का अवसर मिलेगा।
इस तरह कांग्रेस जिलाध्यक्षों का यह दौरा ग्रामीण समस्याओं की गहन समझ और संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।