फरीदाबाद। पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप के सैनिक कॉलोनी स्थित आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की करीब 16 घंटे तक चली छापेमारी मंगलवार रात लगभग 11 बजे समाप्त हुई। छापेमारी के दौरान और उसके बाद उनके समर्थकों का भारी हुजूम उनके निवास पर जुटा रहा। देर रात तक हजारों समर्थक मौके पर डटे रहे, वहीं अगले दिन सुबह से भी लोगों का आना-जाना लगातार जारी रहा।
ईडी की कार्रवाई के बाद पूर्व मंत्री के निवास पर पहुंचे विधायक आफताब अहमद ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई विपक्षी दलों की साजिश का हिस्सा है, खासकर उन लोगों के खिलाफ जो कांग्रेस में अहम पदों पर रहे हैं या जिन्होंने लंबे समय तक जनसेवा की है। आफताब अहमद ने आरोप लगाया कि जनता की आवाज उठाने वाले नेताओं का मनोबल तोड़ने के लिए इस तरह की एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परिवार पिछले छह-सात दशकों से जनसेवा में लगा हुआ है और इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र का गला घोंटने के समान है। कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती है।
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय प्रताप ने कहा कि ईडी की जांच दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका परिवार कोई भागने वाला नहीं है और यदि ईडी को किसी प्रकार की जानकारी चाहिए थी तो नोटिस भेजा जा सकता था। उन्होंने कहा कि जिन दस्तावेजों की मांग की गई, वे पहले से ही ऑनलाइन सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं और ईडी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उन्हें उपलब्ध करा दिए गए हैं।
कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने एकजुट होकर पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप के समर्थन में खड़े रहने का संदेश दिया।