मोहाली। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में ‘भारत एआई: समावेशी, जिम्मेदार और प्रभाव आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आधिकारिक प्री-समिट था और इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त थी।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री अमित कटारिया, सीओओ और को-फाउंडर, सरस एआई ने किया। कार्यक्रम में मुख्य संबोधन, विशेषज्ञ परिचर्चा, संवाद सत्र और सहभागितापूर्ण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिनका केंद्र एआई के शासन, नैतिकता और वास्तविक जीवन में उपयोग पर रहा।
इस प्री-समिट में एआई क्षेत्र के कई विशेषज्ञ और उद्यमी उपस्थित रहे। इनमें श्री तरुण मल्होत्रा (संस्थापक एवं सीईओ, साइबर स्प्लंक), श्री सूरज कुमार (सीईओ, क्यूयुला नैरेटिव्स इंक.), सुश्री तनदीप सांगरा (संस्थापक, शी इनोवेट्स एआई), श्री बिपनजीत सिंह (संस्थापक एवं निदेशक, डिजीवाह टेक्नोसिस एलएलपी), श्री जिगरजीत सिंह (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं फाउंडर, जेडब्ल्यू इन्फोटेक), सुश्री नेहा अरोड़ा (सीओओ, नॉर्दर्न रीजन साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्लस्टर, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय, भारत सरकार), श्री अनिल चन्ना (सीटीओ, सॉफ्टविज इन्फोटेक) और श्री तनवीर सिंह (सीनियर मैनेजर, स्पोकन ट्यूटोरियल, आईआईटी बॉम्बे) शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण साझा करने के लिए इजराइल दूतावास, भारत से सुश्री माया शेरमैन, हेड ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया। इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों और शोधकर्ताओं ने हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा, स्मार्ट सिस्टम, शिक्षा और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े एआई प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए।
सीजीसी यूनिवर्सिटी के माननीय मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अर्श धालीवाल ने कहा कि यह आयोजन तकनीक, नैतिकता और सामाजिक प्रभाव को साथ लेकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दर्शाता है। डॉ. अति प्रिये, सीईओ, इनक्यूबेशन एंड स्टार्टअप्स ने कहा कि प्री-समिट में उद्योग विशेषज्ञों, वैश्विक प्रतिनिधियों और छात्र नवाचारकर्ताओं की सहभागिता यह साबित करती है कि सहयोग के माध्यम से समावेशी और जिम्मेदार एआई के भविष्य को सशक्त बनाया जा सकता है।
इस प्री-समिट से प्राप्त निष्कर्षों को 19–20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में साझा किया जाएगा, जिससे भारत में एआई के भविष्य की दिशा पर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। सीजीसी यूनिवर्सिटी इस आयोजन के माध्यम से अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में जिम्मेदार एआई के लिए प्रतिभाशाली पीढ़ी तैयार कर रही है।