लुधियाना | टैगोर नगर स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट अश्वनी कुमार के कार्यालय पर हुई एसआईटी (SIT) की छापेमारी अब विरोध का कारण बन गई है। कार्रवाई के खिलाफ लुधियाना सीए एसोसिएशन समेत विभिन्न पेशेवर संगठनों ने जिला प्रशासन के सामने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य प्रोफेशनल्स जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपने की घोषणा की, जिसमें एसआईटी की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि छापेमारी के दौरान जब्त किए गए लैपटॉप, दस्तावेज, डीवीआर और अन्य रिकॉर्ड तत्काल वापस किए जाएं। इसके साथ ही एसोसिएशन ने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों के खिलाफ जांच कर सख्त कदम उठाने की भी मांग की है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 9 जनवरी की देर शाम एसआईटी की टीम टैगोर नगर स्थित ‘अश्वनी एंड एसोसिएट्स’ कार्यालय पहुंची थी। इस दौरान अकाली दल नेता सुखबीर सिंह बादल के चार्टर्ड अकाउंटेंट सतविंदर सिंह कोहली भी टीम के साथ मौजूद थे। छापेमारी के दौरान सर्च वारंट और दस्तावेजों की वैधता को लेकर वकीलों, पेशेवरों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई।
पेशेवर संगठनों का आरोप है कि टीम ने कार्रवाई से जुड़े जरूरी कागजात स्पष्ट रूप से नहीं दिखाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके विरोध में कुछ समय के लिए रास्ता भी जाम किया गया। बाद में पुलिस ने कार्यालय से लैपटॉप, डीवीआर और अन्य अहम रिकॉर्ड जब्त कर लिए।
एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पेशेवरों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है और निष्पक्ष जांच के साथ कानून के तहत ही कार्रवाई होनी चाहिए।