महेंद्रगढ़।महेंद्रगढ़ जिले की पीसी एंड पीएनडीटी टीम ने भ्रूण लिंग जांच कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। हरियाणा से राजस्थान तक फैले इस नेटवर्क के खिलाफ की गई सुनियोजित कार्रवाई में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। टीम ने राजस्थान के कोटपूतली में दबिश देकर तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी बाद में अलग-अलग स्थानों से की गई।
जानकारी के अनुसार, जिला समुचित प्राधिकरण पीएनडीटी नारनौल को 24 दिसंबर 2025 को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह हरियाणा-राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय है, जो गर्भवती महिलाओं को कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में ले जाकर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच कराता है। सूचना की पुष्टि के बाद 16 जनवरी को नोडल अधिकारी पीएनडीटी डॉ. विजय यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने रणनीति के तहत एक डिकाय महिला और एक केयरटेकर को शामिल किया। केयरटेकर ने आरोपी वीरेंद्र निवासी कादमा, जिला चरखी दादरी से संपर्क कर 80 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय किया। तय राशि फोन-पे के जरिए आरोपी को ट्रांसफर की गई। 18 जनवरी को आरोपियों के निर्देश पर डिकाय महिला और केयरटेकर को नारनौल बुलाया गया, जहां से उन्हें कोटपूतली ले जाया गया। इस दौरान पीएनडीटी टीम लगातार उनका पीछा करती रही।
कोटपूतली पहुंचने पर आरोपी धर्मवीर ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण लिंग जांच की। जैसे ही डिकाय महिला ने इशारा किया, टीम ने तुरंत दबिश देकर धर्मवीर, आनंद और जितेंद्र को मौके से गिरफ्तार कर लिया। रेड के दौरान मुंडियाखेड़ा निवासी पवन भी अपनी गर्भवती पत्नी के साथ वहां मौजूद मिला, जिसकी पत्नी की भी जांच की गई थी। हालांकि, अफरा-तफरी का फायदा उठाकर महिला मौके से फरार हो गई।
इसके बाद टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए वीरेंद्र को चरखी दादरी से और सुनील को उसके गांव सुरेहती पिलानिया से गिरफ्तार किया। रेडिंग टीम ने मौके से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, नेक्सॉन और स्विफ्ट डिजायर कार तथा बुलेट मोटरसाइकिल को सील कर पुलिस के हवाले कर दिया। सभी आरोपियों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।