चंडीगढ़। हरियाणा में ठेका कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर सोमवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर ठेका कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों को नियमित करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और निजीकरण पर रोक लगाने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गईं।
प्रदर्शन के दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर यह घोषणा की गई कि केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की अखिल भारतीय फेडरेशन के आह्वान पर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। संघ ने दावा किया कि सभी जिलों में हुए प्रदर्शन व्यापक और सफल रहे।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री और महासचिव कृष्ण कुमार नैन ने बताया कि कर्मचारियों की मुख्य मांग पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप ठेका कर्मचारियों को स्थायी करना है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, राज्य कर्मचारियों के लिए अलग पे कमीशन गठित करने और निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाने की मांग भी शामिल है।
कर्मचारियों ने पांच हजार रुपये अंतरिम राहत देने, लेबर कोड्स, बिजली संशोधन विधेयक, न्यूक्लियर एनर्जी कानून (शांति) और नई शिक्षा नीति को रद्द करने की भी मांग उठाई। इन्हीं मांगों को लेकर 12 फरवरी की हड़ताल का निर्णय लिया गया है।
नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि हाईकोर्ट के 23 और 31 दिसंबर 2025 के फैसलों के अनुसार सरकार को पूर्व की रेगुलराइजेशन नीतियों को लागू कर ठेका कर्मचारियों को पक्का करना चाहिए। साथ ही पक्के किए जाने की तिथि से छह प्रतिशत ब्याज सहित वेतन भुगतान की मांग की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2025 तक दस वर्ष की सेवा पूरी हो चुकी है, उनके लिए नई नियमितीकरण नीति बनाई जाए। हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आठ सप्ताह की समयसीमा में यदि सरकार ने फैसले लागू नहीं किए, तो कर्मचारी आंदोलन और तेज करने को मजबूर होंगे।