Dharamshala, 20 January-:धर्मशाला स्थित एक कॉलेज की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। इस प्रकरण से जुड़ी सबसे अहम कड़ी मानी जा रही मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक कांगड़ा के कार्यालय को प्राप्त हो गई है।पुलिस अधिकारी रिपोर्ट के प्रत्येक पहलू का गहन अध्ययन कर रहे हैं और इसे आगामी कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
पुलिस जांच के अनुसार,मृतक छात्रा का इलाज हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों के कुल सात अस्पतालों में कराया गया था।छात्रा के उपचार से संबंधित सभी मेडिकल रिकॉर्ड पहले ही पुलिस द्वारा एकत्र कर लिए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा से विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठित करने का आग्रह किया गया था, जिसने समस्त दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है।इस बीच छात्रा के परिजनों, विशेषकर पिता ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले को जानबूझकर उलझाया जा रहा है और उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कॉलेज परिसर में रैगिंग की आशंका जताते हुए कहा कि इस संबंध में एक छात्रा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पिता का आरोप है कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने यह भी दावा किया कि उच्च शिक्षा निदेशालय की टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में आरोपी सहायक प्राध्यापक को बचाने का प्रयास किया गया है। छात्रा के पिता का कहना है कि उन्हें किसी से बदला नहीं चाहिए, बल्कि केवल सच्चाई सामने आए और उनकी बेटी को न्याय मिले।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामले को लेकर प्रशासन और जांच एजेंसियों पर भी जनता की नजर बनी हुई है, वहीं परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।