Mandi,Dharamveer-:अगर जनसहयोग और शिक्षा के प्रति समर्पण की मिसाल देखनी हो, तो देवभूमि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के बल्ह उपमंडल अंतर्गत सरकीधार गांव अवश्य जाना चाहिए। यहां के ग्रामीणों ने यह साबित कर दिया है कि जब इरादे मजबूत हों, तो विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की लौ बुझने नहीं दी जाती। प्राकृतिक आपदा से तबाह हुए स्कूल को फिर से खड़ा करने के लिए ग्रामीणों ने न सिर्फ अपने मकान स्कूल संचालन के लिए खोल दिए, बल्कि नए भवन के निर्माण के लिए अपनी कीमती जमीन भी दान कर दी।
वर्ष 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाएं हिमाचल प्रदेश के लिए गहरे जख्म छोड़ गईं। 13 अगस्त 2023 को आई आपदा में मंडी जिला का हाई स्कूल सरकीधार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्कूल भवन के ध्वस्त होने से बच्चों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया था, लेकिन गांव के लोगों ने इस संकट को अवसर में बदलते हुए अनुकरणीय पहल की।
स्कूल में पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए गांव के दिनेश शर्मा और उनके चाचा चिरंजी लाल शर्मा ने अपने घर के आठ कमरे निशुल्क स्कूल संचालन के लिए उपलब्ध करा दिए। दिनेश शर्मा इस स्कूल की स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रधान भी हैं। उन्होंने बताया कि आपदा के बाद गांव की बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी ग्रामीणों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया। इस सहयोग से अस्थायी कक्षाओं के लिए कमरों की छतों पर टीन शेड लगाकर अतिरिक्त स्थान तैयार किया गया। आज इन्हीं अस्थायी कमरों में स्कूल का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।
जनसहयोग की यह मिसाल यहीं तक सीमित नहीं रही। जब स्कूल के नए भवन के निर्माण की बात आई, तो गांव के दानी सज्जनों ने खुलकर सहयोग किया। हाई स्कूल सरकीधार के प्रधानाचार्य लीलाधर शर्मा ने बताया कि दिनेश शर्मा और चिरंजी लाल शर्मा ने अपने मकान स्कूल के लिए देने के बदले शिक्षा विभाग से एक रुपया भी नहीं लिया, बल्कि हर समय सहयोग के लिए आगे रहे।इसके अलावा गांव के पंडित क्षमाकर ने स्कूल भवन निर्माण के लिए 10 बिस्वा भूमि दान में दी। वहीं, सेवानिवृत कानूनगो नंद लाल शर्मा और सेवानिवृत मुख्य अभियंता धनी राम शर्मा ने भी दो-दो बिस्वा जमीन स्कूल के नाम दान कर दी। इसके साथ ही एफसीए के तहत लगभग दो बीघा भूमि भी स्कूल के नाम पर स्वीकृत की गई है, जहां नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है।
शिक्षा विभाग ने भी इस जनसहयोग की सराहना की है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक यशवीर धीमान ने स्कूल संचालन में सहयोग कर रहे सभी दानी सज्जनों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि नए स्कूल भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसे पूरा कर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।अगर शिक्षा की गुणवत्ता की बात करें, तो सरकीधार स्कूल हर वर्ष उत्कृष्ट परिणाम देता रहा है। विद्यालय के छात्र नियमित रूप से मेरिट सूची में स्थान बनाते हैं। वर्तमान समय में स्कूल में कुल 90 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 44 बच्चे प्राइमरी विंग और 46 बच्चे हाई विंग में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के प्रति ऐसा समर्पण दुर्लभ है। सरकीधार गांव के लोगों ने यह साबित कर दिया है कि जब समाज एकजुट होता है, तो किसी भी आपदा के बाद पुनर्निर्माण संभव है। शिक्षा के मंदिर के लिए दिया गया यह योगदान न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण भी है।