Dharamshala, Rahul-:नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन अधिकारियों को भाजपा सरकार के समय फासले पर रखा गया था,वही अधिकारी आज मुख्यमंत्री को उंगलियों पर नचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विकास के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है और तीन वर्षों का कार्यकाल केवल भाजपा को कोसने में ही बीत गया।
वीरवार को धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता में जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार से न केवल जनता बल्कि कांग्रेस के अपने कार्यकर्ता और नेता भी निराश हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने तीन साल पूरे होने के जश्न पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, जबकि यही राशि आपदा से प्रभावित लोगों को दी जानी चाहिए थी।जयराम ठाकुर ने इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि प्रदेश आपदाओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार को जश्न मनाने की ज्यादा चिंता है।उन्होंने एचआरटीसी बसों को लेकर भी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि जश्न के लिए लगाई गई एचआरटीसी बसों के एवज में डीसी मंडी को 2 करोड़ रुपये का बिल भेजा गया है।एचआरटीसी के नियमों के अनुसार बसें किराए पर लेने के लिए 50 फीसदी राशि पहले जमा करवानी होती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस बिल में अग्रिम राशि जमा करवाई गई या नहीं।उन्होंने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले पर स्थिति साफ करे।
नेता प्रतिपक्ष ने एक कांग्रेस नेता के खिलाफ घोषित विजिलेंस जांच का भी मुद्दा उठाया।उन्होंने कहा कि उस मामले में एसआईटी तक का गठन किया गया था,लेकिन संबंधित कांग्रेस नेता ने दिल्ली जाकर बयान दिया कि यदि एक सप्ताह में जांच नहीं रोकी गई तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद जांच को दबा दिया गया। जयराम ठाकुर ने सवाल किया कि जनता जानना चाहती है कि उस जांच का आखिर क्या हुआ।उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लोकप्रियता लगातार गिरती जा रही है। मनरेगा योजना के नाम बदलने पर कांग्रेस के विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि इससे पहले भी योजनाओं के नाम कई बार बदले गए हैं। उनका आरोप था कि कांग्रेस को महात्मा गांधी का नाम हटाने से नहीं, बल्कि राम जी का नाम जोड़े जाने से आपत्ति है।चुनाव आयोग द्वारा करवाई जा रही एसआईआर पर उन्होंने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है और पहले भी करवाई जाती रही है।