गुरुग्राम। गुरुग्राम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने प्रतिष्ठित मेदांता अस्पताल की डॉक्टर बनकर किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ा फर्जीवाड़ा किया। आरोप है कि महिला ने फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए लोगों को झांसे में लेकर अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट का सौदा कराने की कोशिश की और उनसे पैसे ऐंठे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब किडनी डोनेट करने के इच्छुक कुछ लोगों ने सीधे मेदांता अस्पताल से संपर्क किया। अस्पताल प्रशासन को जब ऐसे किसी विज्ञापन या प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिली, तो उन्हें धोखाधड़ी का अंदेशा हुआ। इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच शुरू की गई, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि उसने इंटरनेट मीडिया पर किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में एक महिला ने खुद को मेदांता अस्पताल की डॉक्टर बताया था। संपर्क करने पर आरोपी महिला ने पंजीकरण शुल्क के नाम पर उससे आठ हजार रुपये ले लिए। इसके बाद तीन करोड़ रुपये में किडनी खरीदने का सौदा तय होने का दावा किया गया और आगे की प्रक्रिया के लिए 20 हजार रुपये और मांगे गए।
इतनी बड़ी रकम और संदिग्ध प्रक्रिया को लेकर पीड़िता को शक हुआ, जिसके बाद उसने मेदांता अस्पताल से सीधे संपर्क किया। अस्पताल से सच्चाई सामने आने पर यह स्पष्ट हो गया कि पूरा मामला फर्जी है।
अस्पताल प्रशासन ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए सदर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी महिला की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।