बांग्लादेश I बांग्लादेश में वर्ष 2024 में हुई बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल और प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। अमेरिका से जुड़ी एक डिप्लोमैटिक ऑडियो रिकॉर्डिंग के लीक होने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं और विवाद और गहराता नजर आ रहा है।
ऑडियो सामने आने के बाद शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने सीधे तौर पर अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि हसीना सरकार का गिरना किसी आंतरिक या स्वाभाविक राजनीतिक प्रक्रिया का नतीजा नहीं था, बल्कि इसके पीछे बाहरी ताकतों की साजिश हो सकती है।
पूर्व शिक्षा मंत्री का गंभीर आरोप
बांग्लादेश के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दावा किया कि लीक हुई यह ऑडियो रिकॉर्डिंग अवामी लीग के लंबे समय से लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि करती है। उनके अनुसार शेख हसीना सरकार का पतन “ऑर्गेनिक” नहीं था, बल्कि इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।
नेपाल से बांग्लादेश तक सत्ता परिवर्तन का पैटर्न?
पिछले कुछ वर्षों में केवल बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि नेपाल में भी सरकार गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं फ्रांस में भी ऐसी कोशिशें हुईं, हालांकि वहां वे सफल नहीं हो सकीं। इन सभी मामलों में एक समान बात यह बताई जा रही है कि सत्ता परिवर्तन से पहले हिंसा, बड़े आंदोलन और राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिली। इन घटनाओं में अमेरिका की भूमिका को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि अब तक कोई ठोस और आधिकारिक सबूत सामने नहीं आया है।
लीक ऑडियो में क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीक हुई रिकॉर्डिंग में एक वरिष्ठ अमेरिकी डिप्लोमैट की बातचीत बताई जा रही है। इस बातचीत में कथित तौर पर बांग्लादेश की इस्लामी राजनीतिक ताकतों से संपर्क, शेख हसीना के बाद देश की राजनीतिक दिशा और भविष्य की सरकार को लेकर रणनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई है। इस खुलासे के बाद वॉशिंगटन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।
अवामी लीग का पलटवार, जांच की मांग
ऑडियो लीक के बाद बांग्लादेश में अमेरिका की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। साथ ही अवामी लीग के नेताओं ने मौजूदा यूनुस सरकार पर भी तीखा हमला बोला है।
दिल्ली में रह रही हैं शेख हसीना
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद से वह भारत की राजधानी दिल्ली में रह रही हैं। मोहिबुल हसन चौधरी का कहना है कि लीक ऑडियो से यह संकेत मिलता है कि चुनाव के बाद बनने वाली सरकारों को “मैनेज” करने की एक खुली कोशिश की जा रही थी, जिसके गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
चुनाव से अवामी लीग को बाहर करने पर विरोध
पूर्व मंत्री ने अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोकने की किसी भी कोशिश पर कड़ा एतराज जताया। उनका कहना है कि देश की सबसे बड़ी पार्टियों में से एक को चुनाव प्रक्रिया से बाहर करना लाखों मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होगा और इससे जनता के समर्थन के बिना एक अवैध सरकार बनने का खतरा पैदा हो सकता है।