अंबाला | शहर के रामबाग श्मशान घाट की मुख्य सड़क पर जलभराव के कारण अंतिम संस्कार में भारी परेशानियां सामने आई हैं। हल्की बारिश में ही सड़क लगभग 2-2 फुट पानी में डूब जाती है, जिससे परिजन गंदे पानी और कीचड़ से होकर शव श्मशान घाट तक ले जाने को मजबूर हैं।
परिजन और नागरिकों में रोष
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के सदस्य सचिव एडवोकेट रोहित जैन ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई और सीधे तौर पर राज्य सरकार और नगर निगम अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। जैन ने कहा कि अगर इसी हालात में किसी परिवार में मृत्यु होती है तो उनके लिए अंतिम संस्कार करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अवस्थाओं की भयावहता
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क की खराब जल निकासी और गंदगी की स्थिति गंभीर है। जलभराव और दुर्गंध के कारण कई बार अंतिम संस्कार स्थगित करने की नौबत आती है। हाल ही में एक सहयोगी वकील के दाह संस्कार में भी परिजन और रिश्तेदार इसी दुर्गंध और कीचड़ का सामना करते हुए दूसरी जगह अंतिम संस्कार करने को मजबूर हुए।
स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया
ज्ञान सिंह संधु, पूर्व प्रधान एडवोकेट इकबाल सिंह, और कृष्ण लाल सहित कई स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने इस अव्यवस्था पर चिंता जताई और मांग की कि श्मशान घाट की जलभराव की समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान किया जाए।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
नागरिकों और नेताओं ने कहा कि 77वें गणतंत्र दिवस की खुशियों के बीच, तिरंगे और संविधान की गरिमा की बातें की जा रही हैं, लेकिन शहर के रामबाग श्मशान घाट की बदहाल स्थिति सरकारी दावों पर सवाल खड़ा कर रही है। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।