चंडीगढ़। विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव भारत की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा, जिसका मूल मंत्र ‘लोकल से ग्लोबल’ रहेगा।
बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव का उद्घाटन 31 जनवरी को फरीदाबाद के सूरजकुंड में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह महोत्सव 15 फरवरी तक चलेगा और समापन समारोह में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे।
डॉ. शर्मा ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता, शिल्प कौशल और आत्मनिर्भरता की भावना का उत्सव है। इस वर्ष इजिप्ट को पार्टनर नेशन के रूप में चुना गया है, जो चौथी बार अपनी प्राचीन कला और संस्कृति के माध्यम से दर्शकों को आकर्षित करेगा। वहीं उत्तर प्रदेश और मेघालय थीम स्टेट के तौर पर अपनी लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 44 देशों के 635 प्रतिभागियों ने भाग लिया था, जबकि इस बार 50 से अधिक देशों के लगभग 800 कलाकार, शिल्पकार और बुनकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। मेले में 1200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री होगी।
सांस्कृतिक संध्याओं को यादगार बनाने के लिए पद्मश्री कैलाश खेर, गुरदास मान और पद्मश्री महाबीर गुड्डू जैसे नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। बढ़ते पर्यटक आवागमन को देखते हुए करीब 4.75 करोड़ रुपये की लागत से मेला परिसर का सौंदर्यीकरण, रास्तों का चौड़ीकरण, 127 नए हट, पुरानी हटों की मरम्मत और झूला क्षेत्र का विस्तार किया गया है।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड शिल्प महोत्सव आज राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुका है, जहां देश-विदेश के कारीगर एक मंच पर नजर आते हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. अरविंद शर्मा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन पर गहरा शोक भी व्यक्त किया।