हिसार I हरियाणा में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। प्रदेश के 11 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि 15 से अधिक जिलों में बारिश हुई। मौसम के इस बदले मिजाज ने जहां ठंड बढ़ा दी, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, फतेहाबाद, चरखी दादरी, अंबाला, कैथल, जींद, पानीपत और यमुनानगर में ओले गिरे। इनमें हिसार, फतेहाबाद और भिवानी सबसे अधिक प्रभावित रहे, जहां करीब 200 गांवों में ओलावृष्टि हुई। कई इलाकों में खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई।
ओलावृष्टि से सरसों की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। हालांकि गेहूं की बालियां अभी नहीं निकली होने के कारण गेहूं को बड़े नुकसान से बचाव रहा। बारिश से गेहूं, चना और जौ की फसलों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने कई जिलों में कोहरे और शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सोनीपत, पानीपत और जींद में घना कोहरा छाने की संभावना है, जबकि महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में शीतलहर चल सकती है।
कृषि विभाग के अनुसार, झज्जर और चरखी दादरी समेत कई जिलों में फसलों को 15 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि किसान फसल नुकसान के आकलन की मांग कर रहे हैं।