मुंबई | बुधवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। शुरुआती सत्र में रुपया 11 पैसे की बढ़त के साथ 91.57 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में यह मजबूती मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और भारत–यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते से मिले सकारात्मक संकेतों के कारण देखी गई।
फॉरेक्स बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में नरमी और यूरोपीय बाजारों के साथ व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 91.60 प्रति डॉलर पर खुला और जल्द ही इसमें और मजबूती आई, जिससे यह 91.57 के स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव की तुलना में 11 पैसे की बढ़त को दर्शाता है।
गौरतलब है कि मंगलवार को रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से उबरते हुए 22 पैसे मजबूत होकर 91.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस सुधार ने बाजार में यह संकेत दिया है कि फिलहाल रुपये पर दबाव कुछ हद तक कम हुआ है।
इस बीच, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.09 पर आ गया। डॉलर में आई इस कमजोरी का सीधा फायदा उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं, खासकर रुपये को मिला।
घरेलू शेयर बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 646.49 अंकों की तेजी के साथ 82,503.97 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 196.70 अंक चढ़कर 25,372.10 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 67.93 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। हालांकि, शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को बिकवाल बने रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,068.49 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की।