फ्रांस। फ्रांस ने बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। देश की नेशनल असेंबली ने एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है, जिसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम बच्चों की मानसिक सेहत की रक्षा, साइबर बुलिंग पर लगाम और युवाओं में बढ़ती हिंसक व असामाजिक प्रवृत्तियों को रोकने के लिए आवश्यक है।
उम्र सत्यापन होगा अनिवार्य
नए कानून के अनुसार, सभी सोशल मीडिया कंपनियों को उपयोगकर्ताओं की आयु सत्यापित करने के लिए मजबूत और भरोसेमंद तकनीकी व्यवस्था लागू करनी होगी। यदि कोई प्लेटफॉर्म उम्र जांच में लापरवाही बरतता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। फ्रांसीसी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बीते एक दशक में 13 से 15 वर्ष के बच्चों में अवसाद और आत्महत्या के मामलों में लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें सोशल मीडिया को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति मैक्रोन का समर्थन
राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का अनियंत्रित इस्तेमाल बच्चों के मानसिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहा है। मैक्रोन ने इसे समय की जरूरत बताते हुए कहा कि युवाओं के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना अब अनिवार्य हो गया है।
भारी बहुमत से पास हुआ बिल
यह विधेयक नेशनल असेंबली में लंबी चर्चा के बाद पारित किया गया। मतदान के दौरान 130 सांसदों ने इसके समर्थन में जबकि 21 सांसदों ने विरोध में वोट दिया। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए फ्रांस की सीनेट में भेजा जाएगा।
2026 से लागू होंगे नियम
सरकार की योजना के मुताबिक, यह कानून सितंबर 2026 से नए सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लागू होगा। वहीं, जो मौजूदा अकाउंट उम्र की तय सीमा को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें वर्ष के अंत तक बंद कर दिया जाएगा।
शिक्षा से जुड़े प्लेटफॉर्म को राहत
यूरोपीय आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस कानून का क्रियान्वयन यूरोपीय संघ के डिजिटल नियमों के अनुरूप होगा। साथ ही, शैक्षणिक वेबसाइट्स, ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म और डिजिटल विश्वकोश को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और ज्ञान तक पहुंच प्रभावित न हो।