Mandi, Dharamveer-:सराज घाटी में हालिया बर्फबारी के बाद सड़कों पर सफर जानलेवा साबित हो रहा है। सोमवार रात सवा नौ बजे सराज विधानसभा क्षेत्र में ऐसा ही एक हादसा सामने आया, जहां माइनस 3 से 5 डिग्री तापमान और अंधेरी रात में एक युवक की जिंदगी और मौत के बीच महज कुछ घंटे का फासला था।
बगस्याड के मथयारा गांव निवासी गगन पुत्र जय सिंह अपने काम से लौटकर घर जा रहे थे। इसी दौरान भूरणी के समीप उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। कार में चालक अकेला ही था और वाहन तीन-चार पलटियां खाने के बाद नीचे जा गिरा। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि गनीमत रही कि चालक को गंभीर चोटें नहीं आईं।इसी दौरान पीछे से गुजर रहे एक अन्य वाहन चालक खीरामणी उर्फ लक्की की नजर सड़क से नीचे गिरी कार पर पड़ी। बिना समय गंवाए और अपनी जान की परवाह किए बिना लक्की बर्फ से ढकी गहरी खाई में उतर गया। अंधेरा, ठंड और फिसलन के बावजूद उसने घायल गगन तक पहुंच बनाई और कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित सड़क तक पहुंचाया।
सड़क पर पहुंचते ही लक्की ने घायल को अपनी गाड़ी में बैठाया और तुरंत नागरिक अस्पताल बगस्याड पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार यदि घायल युवक दो से तीन घंटे और उस भीषण ठंड में पड़ा रहता, तो उसका जीवित बचना लगभग असंभव था। प्राथमिक उपचार के बाद गगन को मैडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया है।
उधर, सराज घाटी में बर्फबारी के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों को बहाल तो कर दिया गया है, लेकिन सुबह और शाम के समय सड़क पर जम रही ब्लैक आइस लगातार हादसों का कारण बन रही है।
एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि ब्लैक आइस के कारण सड़कों पर फिसलन काफी बढ़ गई है और थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।यह घटना जहां एक ओर सड़कों की खतरनाक स्थिति को उजागर करती है, वहीं लक्की जैसे साहसी युवाओं की मानवता और हिम्मत की मिसाल भी पेश करती है।