Mandi, Dharamveer-:हिमाचल परिवहन मजदूर संघ ने प्रदेश सरकार और परिवहन निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंडी में आयोजित राज्य सम्मेलन में संघ के सदस्यों ने निगम प्रबंधन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि निगम खटारा बसों और अधूरी कर्मशालाओं के सहारे अपने संचालन को जारी रख रहा है। सम्मेलन में मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा और द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में चल रही कर्मशालाओं की हालत बेहद खराब है। कर्मशालाओं में न तो आवश्यक कलपुर्जे उपलब्ध हैं और न ही टूलकिट जैसे उपकरण, बावजूद इसके निगम के कर्मचारी दिन-रात सेवा दे रहे हैं। खटारा बसें, जिनमें से कई 16 लाख किमी का सफर पूरी कर चुकी हैं, अब तक यात्रियों को सेवा प्रदान कर रही हैं, जबकि उनकी तकनीकी स्थिति इतनी खराब है कि 10 किलोमीटर की दूरी तय करना भी चुनौतीपूर्ण है।
प्यार सिंह ठाकुर ने कहा कि नई बसों की मुरम्मत के लिए भी आवश्यक पुर्जे और उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री और परिवहन विभाग की तरफ ध्यान देने की मांग की। ठाकुर ने चेताया कि यदि सरकार ने निगम के कर्मियों और यात्रियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो मजदूर संघ सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर होगा।उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकार द्वारा पीस मील वर्कर के रूप में रखे गए कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। “यदि उप मुख्यमंत्री इस ओर गंभीरता दिखाएंगे तो कर्मचारी यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सेवाएं दे पाएंगे,” ठाकुर ने जोड़ा।
सम्मेलन में मंडी संसदीय क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी भाजपा के युवा नेता आश्रय शर्मा, मंडी जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा और अन्य भाजपा नेता तथा मजदूर संघ के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने मजदूर संघ की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि परिवहन निगम की समस्याओं को नजरअंदाज करना यात्रियों और कर्मचारियों दोनों के हित में नहीं है।
सम्मेलन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि निगम के कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और यदि सरकार ने जल्द ही कर्मशालाओं के उपकरण, बसों की मरम्मत और नियमित कर्मचारियों की स्थिति को लेकर कदम नहीं उठाए, तो प्रदेश में परिवहन मजदूर संघ बड़े आंदोलन की तैयारी कर सकता है।हिमाचल परिवहन मजदूर संघ का यह मोर्चा स्पष्ट संदेश देता है कि कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के बिना निगम का संचालन जोखिमपूर्ण और अस्थिर बना रहेगा।