नई दिल्ली | केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कांग्रेस के आलोचनात्मक बयानों का करारा जवाब दिया। गोयल ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके दावे पूरी तरह से गलत हैं और इसे वे मुहावरे “अंगूर खट्टे हैं” के साथ खारिज करते हैं।
गोयल ने कहा कि कांग्रेस ने इस समझौते पर 2006 में चर्चा शुरू की थी, लेकिन इसे अंतिम रूप देने में नाकाम रही। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए निर्णायक कदम नहीं उठा सके, वे अब आलोचना करने का भरम पाल रहे हैं। जयराम रमेश ने व्यापार घाटा, ऑटोमाइबल, बौद्धिक संपदा और कार्बन बार्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म जैसे मुद्दों पर चिंता जताई थी, जिन्हें गोयल ने पूरी तरह खारिज कर दिया।
वाणिज्य मंत्री ने आगे कहा कि भारत न केवल ईयू के साथ, बल्कि अमेरिका, कनाडा और चिली जैसे देशों के साथ भी नए व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। उन्होंने बताया कि गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (GCC) के छह देशों के साथ भी जल्द बातचीत शुरू की जाएगी। गोयल ने यह भी भरोसा दिलाया कि भारत निर्यातकों, किसानों, मछुआरों, पशुपालकों और छोटे उद्योगों के हितों की रक्षा करते हुए नए बाजार खोलेगा।
पीयूष गोयल ने भारत-ईयू एफटीए को देश के विकास और वैश्विक व्यापार विस्तार के लिए ऐतिहासिक समझौता बताया और कहा कि यह समझौता भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वे चीन के साथ एफटीए पर किस तरह विचार कर सकते हैं, जबकि उनके पास खुद इस समझौते को अंतिम रूप देने की हिम्मत नहीं थी।