Mandi, Dharamveer-:16वें वित्त आयोग की सिफारिशों में आरडीजी यानी राजस्व घाटा अनुदान खत्म करने पर एनएसयूआई ने केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए मंडी में केंद्र सरकार का पूतला फूंका है। इस मौके पर जहां एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की वहीं हिमाचल भापजा सांसदों को भी आड़े हाथों लिया।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनित जसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने आरजीडी खत्म कर हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ अन्याय कर रही है। केंद्र द्वारा हिमाचल विरोधी यह बजट जब तैयार किया जा रहा था तो तब हिमाचली सांसद भी वहीं मौजूद थे। न तो उस समय इन भाजपा सांसदों ने इसका विरोध किया और न ही बजट पेश होने के बाद। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज हिमाचल के हकों के लिए हिमाचली सांसदों की हिमाचलियत मर चुकी है। यूं तो अनुराग ठाकुर को हिमाचली छोकरा कहा जाता है, लेकिन उन्होंने एक बार भी यह नहीं सोचा कि प्रदेश अभी आपदा के जख्मों से उभरा तक नहीं हैं।
वहीं एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार होने पर केंद्र की मोदी सरकार ने भेदभाव की यह नीति अपनाई है। यह सरकार लगातार हिमाचल के हकों के साथ कुठाराघात कर रही है। उत्तरी भारत हिमाचल के बिजली-पानी और जंगलों की शुद्ध हवा पर निर्भर है। लेकिन इसके बदले प्रदेश को कुछ नहीं मिल रहा है। गत आपदा के दौरान भी पीएम मोदी 1500 करोड़ देने का वादा कर हवाई सर्वे करके चले गए। पीएम मोदी का यह वादा भी मात्र झुनझुना ही साबित हुआ है। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि एनएसयूआई केंद्र सरकार की इस नीति को बर्दाश्त करने वाली नहीं है। एनएससीआई पूरी तरह से मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के साथ खड़ी है। आने वाले समय में भी केंद्र सरकार के खिलाफ एनएसयूआई का विरोध इसी तरह जारी रहेगी।