धर्मशाला | राहुल चावला-:श्री चामुंडा नंदीकेश्वर धाम के पास जिला कांगड़ा का पहला ‘शी हाट’ आकार लेने लगा है। इस परियोजना के तहत वर्षों पुराने ग्रामीण भंडार भवन को नया रूप देकर महिलाओं के रोजगार से जोड़ा जा रहा है। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के अधीन रहे इस भवन को करीब 35 लाख रुपये की लागत से रेनोवेट किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ इसी माह किए जाने की संभावना है
तीन मंजिला ग्रामीण भंडार भवन लंबे समय से मरम्मत की जरूरत में था। प्रशासन ने इसे न केवल संरक्षित किया, बल्कि इसे महिला सशक्तिकरण का केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। पुनर्निर्माण के बाद यह भवन ‘शी हाट’ के नाम से जाना जाएगा, जहां विभिन्न पर्यटन और व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन पूरी तरह महिलाओं द्वारा किया जाएगा।शी हाट में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए रेस्टोरेंट, ठहरने के लिए कमरे, पार्क, पार्किंग सहित कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां स्थानीय स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं काम संभालेंगी। खास बात यह है कि रेस्टोरेंट में स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे क्षेत्रीय संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।धार्मिक पर्यटन को और मजबूत करने के उद्देश्य से शी हाट के समीप बहती बाणगंगा नदी के किनारे घाट निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इससे श्रद्धालु बाणगंगा में स्नान कर देवी दर्शन कर सकेंगे।
ग्रामीण भंडार भवन को दिया गया नया स्वरूप
“ग्रामीण भंडार भवन को रेनोवेट कर ‘शी हाट’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका संचालन स्वयं सहायता समूहों और महिला संगठनों द्वारा किया जाएगा। यह कांगड़ा जिला का पहला शी हाट होगा, जहां पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।”
शी हाट परियोजना के शुरू होने से न केवल चामुंडा क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित होंगे।