शिमला, संजू-:शिमला शहर की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में शकरोड़ी पेयजल योजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। शनिवार को शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान ने ढवाड़ा पहुंचकर योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान शकरोड़ी से ढवाड़ा तक सतलुज का पानी सफलतापूर्वक लिफ्ट कर पहुंचाया गया, जिससे परियोजना की प्रगति को लेकर प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
अधिकारियों के अनुसार आगामी एक सप्ताह के भीतर पानी को डूम्मी तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि इसी माह के अंत तक संजौली तक सतलुज का पानी पहुंचाने की योजना है। इसके पूरा होते ही शिमला शहर के बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।वर्तमान में योजना के अंतर्गत एक पंप के माध्यम से करीब 10 एमएलडी पानी लिफ्ट किया जा रहा है। जल्द ही दूसरा पंप भी चालू किया जाएगा, जिसके बाद 15 से 20 एमएलडी तक पानी शिमला को उपलब्ध हो सकेगा। इससे गर्मियों के दौरान होने वाली पेयजल किल्लत में काफी हद तक कमी आएगी।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि योजना के पूरी तरह चालू होने के बाद शिमला शहरवासियों को 24 घंटे पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
“शकरोड़ी पेयजल योजना अब अपने अंतिम चरण में है। जैसे ही संजौली तक पानी पहुंचता है, शिमला को स्थायी राहत मिलेगी। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।”शकरोड़ी पेयजल योजना के पूर्ण होने से शिमला के हजारों परिवारों को लंबे समय से चली आ रही जल समस्या से स्थायी निजात मिलने की उम्मीद है।