ऊना, राकेश-:पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में उनके पद पर लगी रोक को हटाए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन नौ साल तक इस मुद्दे का लंबित रहना बहुत अधिक समय था। अनुराग ठाकुर पहले BCCI अध्यक्ष रह चुके हैं, और इस रोक का कारण कोर्ट द्वारा यह निर्णय था कि BCCI अध्यक्ष का पद केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी ही संभाल सकते हैं।
उन्होंने भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम की हाल ही में विश्व कप जीत पर अपनी खुशी जताई। उन्होंने आशुष महात्रे की कप्तानी में टीम की सफलता को बड़ी उपलब्धि बताते हुए पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया। विशेष रूप से उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की खुलकर प्रशंसा की और उन्हें भारत का वैभव कहकर सम्मानित किया। ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह युवा खिलाड़ियों की मेहनत और लगन का परिणाम है, जिसने देश का नाम रोशन किया।
अनुराग ठाकुर ने इसके अलावा समाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने रवनीत बिट्टू और राहुल गांधी के संदर्भ में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं द्वारा पूरे सिख समुदाय के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर और चार साहिबजादों के शहीदी दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने सिख समुदाय को गौरवान्वित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।इसके साथ ही, ठाकुर ने नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सही निर्णय लिया और इस टाइटल को किसी समाज के अपमान के रूप में मानते हुए इसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस प्रकार किसी भी वर्ग के अपमान को गलत बताया और समाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि न्याय, खेल और समाज में संतुलन बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे खेल और शिक्षा दोनों में मेहनत करें और समाज के लिए गर्व का कारण बनें।अनुराग ठाकुर का यह बयान BCCI में उनके पद पर लौटने, भारतीय क्रिकेट में नई उपलब्धियों और सामाजिक जिम्मेदारी पर उनके दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।