चंडीगढ़ | इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हरियाणा सरकार पर बुजुर्गों की पेंशन काटने और झूठे वादे करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बुढ़ापा पेंशन की शुरुआत चौधरी देवीलाल ने की थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने कई शर्तें लगाकर बड़ी संख्या में बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी है।
अभय चौटाला ने कहा कि सरकार ने 1 नवंबर से 3200 रुपये पेंशन देने का वादा किया था, लेकिन बढ़ोतरी करने के बजाय सरकार पेंशन काटने में लगी हुई है। उन्होंने ऐलान किया कि इनेलो 20 फरवरी को पंचकूला में विरोध प्रदर्शन करेगी और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी कमियां स्वीकार करने के बजाय विपक्ष पर आरोप लगाए। अभय चौटाला ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने यह कहकर गलत बयान दिया कि पिछली सरकारों ने पेंशन से जुड़े कोई नियम या नोटिफिकेशन जारी नहीं किए थे।
अभय चौटाला ने बताया कि 1987 में देवीलाल सरकार ने 65 वर्ष की उम्र के सभी बुजुर्गों को पेंशन देने की घोषणा की थी, जबकि 1992 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल ने पेंशन पर शर्तें लगाईं। उन्होंने कहा कि इनेलो सरकार ने पेंशन काटने की बजाय उसे तीन गुना बढ़ाया था।
उन्होंने मांग की कि सरकार बिना किसी शर्त के सभी बुजुर्गों को पेंशन दे। साथ ही सवाल उठाया कि यदि पेंशन नहीं काटी गई, तो गांव-गांव में लोगों से प्रमाण पत्र जमा कराने का प्रचार क्यों कराया जा रहा है।
अभय चौटाला ने कहा कि बजट सत्र में इनेलो विधायक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और पंचकूला के प्रदर्शन में वे लोग भी शामिल होंगे जिनकी पेंशन काटी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी सवाल खड़े किए, जिसमें कहा गया था कि 1 लाख 5 हजार बुजुर्गों की मृत्यु के कारण पेंशन बंद हुई है। अभय ने मांग की कि मुख्यमंत्री इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करें।