नई दिल्ली | संयुक्त राष्ट्र (UN) की आतंकवाद निगरानी टीम ने लाल किले पर हुए धमाके को लेकर बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक सदस्य देश की सूचना के आधार पर जैश-ए-मोहम्मद ने 9 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 15 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद ने भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने की जिम्मेदारी स्वीकार की है। संगठन के नेता मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर को ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक महिला विंग की स्थापना की घोषणा की। यह नया विंग संगठन की भर्ती और सहायता रणनीतियों में बदलाव का संकेत देता है और इसे आतंकवादी हमलों को समर्थन देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
संयुक्त राष्ट्र की निगरानी टीम ने चेतावनी दी है कि निरंतर दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन लगातार अपने मॉडल में बदलाव कर रहे हैं। ये समूह प्रतीकात्मक और प्रभावशाली हमलों के माध्यम से अपने प्रभाव को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे संगठन कमजोर दिखाई देने के बावजूद खुद को पुनर्गठित करने और उच्च स्तर के लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता रखते हैं, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
यूएन की रिपोर्ट में यह भी उजागर किया गया है कि आतंकवाद के वर्तमान परिदृश्य में देशों के बीच खुफिया और कार्रवाई संबंधी मतभेद मौजूद हैं। कुछ देश जैश-ए-मोहम्मद को सक्रिय और खतरनाक मानते हैं, जबकि अन्य इसे निष्क्रिय मानते हैं। इस तरह की असंगतियां दक्षिण एशिया में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई को जटिल बना रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद की बदलती रणनीतियों और नई शाखाओं की वजह से वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहना आवश्यक है।